मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में तैनात आउटसोर्स सफाईकर्मियों का धैर्य उस समय जवाब दे गया, जब तीन महीनों का वेतन और ईपीएफ जमा न होने का मामला सामने आया। मंगलवार को लगभग 397 कर्मचारी—जिनमें सफाईकर्मी और वाहन चालक शामिल हैं—ने टाउन हॉल स्थित कार्यपालक अधिकारी कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगें रखीं।
सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मिलन कुमार ने आरोप लगाया कि पालिका की ओर से भुगतान होने के बावजूद ठेकेदार फर्मों ने कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ की वास्तविक जमा नहीं की। कर्मचारियों का दावा है कि अलर्ट सिक्योरिटास प्रा. लि. ने ईपीएफ में ₹17,04,357 दिखाए, जबकि वास्तविक जमा ₹69,494 बताई जा रही है। वहीं आरवाई सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस प्रा. लि. (प्रयागराज) पर भी समय पर वेतन और ईपीएफ न देने के आरोप लगे हैं।
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि दोनों फर्मों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में भुगतान न होने पर एफआईआर, ब्लैकलिस्टिंग, और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर में ईपीएफ विवाद ने पकड़ा तूल: आउटसोर्स सफाईकर्मियों ने वेतन बकाया पर किया जोरदार प्रदर्शन
