मुजफ्फरनगर। जिला न्यायालय मुजफ्फरनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक, राजस्व, बैंक एवं मोटर दुर्घटना दावों से जुड़े मामलों का बड़े पैमाने पर निस्तारण किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बिरेन्द्र कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत का मूल उद्देश्य आमजन को सरल, सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। सुलह-समझौते से निस्तारित मामलों में सामाजिक सौहार्द बना रहता है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऋण विवादों में ग्राहकों को राहत देते हुए अधिक से अधिक मामलों का समाधान करें।
परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री खलीकुज्जमा ने बताया कि पारिवारिक विवादों में समझौता सबसे बेहतर समाधान है। इस अवसर पर परिवार न्यायालयों में 67 मामलों का सफल निस्तारण किया गया।
नोडल अधिकारी अपर जिला जज श्री रवि कुमार दिवाकर ने लोक अदालत को समाज के कमजोर वर्ग के लिए न्याय का सशक्त माध्यम बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री सीताराम ने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में कुल 3,57,954 वादों का निस्तारण हुआ।
मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण द्वारा 73 मामलों में 6.35 करोड़ रुपये से अधिक का प्रतिकर प्रदान किया गया।
राजस्व विभाग ने 16,331 मामलों का निस्तारण कर लगभग 99.44 लाख रुपये की वसूली की।
वहीं विभिन्न बैंकों ने 731 ऋण मामलों का समाधान कर 5.43 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सेटलमेंट किया।
कार्यक्रम में जिला बार संघ, सिविल बार संघ के पदाधिकारी, न्यायिक अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
