मुजफ्फरनगर। जनपद के शिक्षा जगत में हड़कंप मचाने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है। बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में डी-फार्मा कोर्स कराने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये वसूलकर फर्जी अंकपत्र और डिग्रियां थमा दी गईं।
पीड़ित छात्रों द्वारा कोर्ट में दायर प्रार्थना पत्र पर थाना बिथरी चैनपुर पुलिस ने कॉलेज के प्रबंधक इमलाख खान, चेयरमैन इमरान खान तथा आरिफ खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, विश्वासघात और धमकी देने जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं।
शिकायत के अनुसार, डी-फार्मा कोर्स में दाखिले के दौरान छात्रों से 2 से 3 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से फीस ली गई। कुल वसूली लगभग ₹34.20 लाख बताई गई है। छात्रों को भरोसा दिलाया गया कि कोर्स पूरी तरह मान्य है।
जब छात्रों ने उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल, लखनऊ में पंजीकरण के लिए आवेदन किया तो उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आरोप है कि दबाव बनाने पर छात्रों को धमकियां दी गईं। पुलिस का कहना है कि कॉलेज की मान्यता, परीक्षा रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
