मुज़फ्फरनगर। शुकतीर्थ स्थित हनुमान धाम में आयोजित धर्मसभा में देशभर से पहुंचे संतों, महामंडलेश्वरों और सनातन संगठनों ने राष्ट्र और समाज से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। सभा में भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और समान नागरिक संहिता लागू करने जैसी मांगें प्रमुख रहीं।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए संतों ने कहा कि सनातन संस्कृति ही विश्व को शांति का मार्ग दिखा सकती है और भारत को अपनी मूल पहचान के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सभा में सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
✅ धर्मसभा में पारित 12 प्रमुख प्रस्ताव
1. भारत को आधिकारिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए।
2. गौ माता को राष्ट्र माता का संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
3. सनातन बोर्ड का गठन किया जाए, जो मंदिर, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की रक्षा करे।
4. देशभर में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाए।
5. जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाए।
6. जातिगत भेदभाव समाप्त कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जाए।
7. प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा व पुनर्स्थापना के लिए विशेष कानून बनाया जाए।
8. सनातन धर्म की रक्षा करने वालों को कानूनी सुरक्षा दी जाए।
9. धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण रोकने के लिए सख्त कानून बने।
10. धर्मांतरण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
11. भारतीय संस्कृति और गुरुकुल परंपरा को शिक्षा नीति में प्राथमिक स्थान दिया जाए।
12. मुज़फ्फरनगर का नाम बदलकर “लक्ष्मीनगर” किए जाने की मांग की गई।
सभा में वक्ताओं ने 2027 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाए जाने की सार्वजनिक मांग भी उठाई। संतों ने कहा कि उनके नेतृत्व में ही भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
धर्मसभा के अंत में यह निर्णय लिया गया कि इन सभी प्रस्तावों को प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजा जाएगा। कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु, संत समाज और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
