मुजफ्फरनगर। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खालापार की साइबर हेल्पडेस्क ने सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार दो लोगों को बड़ी राहत दिलाई है। त्वरित कार्रवाई और बैंकों से समन्वय के चलते कुल 55,704 रुपये की ठगी गई धनराशि पीड़ितों के बैंक खातों में सुरक्षित वापस कराई गई।
जानकारी के अनुसार, किदवई नगर क्षेत्र निवासी शहजाद पुत्र मोहम्मद हबीब ने साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा किसी ऑनलाइन माध्यम से उनके खाते से 48,004 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। शिकायत मिलते ही थाना खालापार की साइबर हेल्पडेस्क ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और संदिग्ध खातों को तत्काल फ्रीज कराया। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 13 जनवरी 2026 को पूरी धनराशि शहजाद के खाते में वापस कर दी गई।
दूसरे मामले में मक्कीनगर निवासी महबूब इलाही पुत्र नजीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके साथ 7,700 रुपये की साइबर धोखाधड़ी हुई है। इस प्रकरण में भी साइबर हेल्पडेस्क ने बिना देरी किए कार्रवाई की, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया और जांच पूरी होने पर ठगी की पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय पर शिकायत दर्ज होने से साइबर ठगी की रकम को वापस कराना संभव हो सका। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लालच में आकर अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर या बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साथ ही, यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार होता है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या नजदीकी थाने में स्थित साइबर हेल्प सेंटर अथवा साइबर सेल से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान से बचा जा सके।
