मुज़फ़्फरनगर। बुढ़ाना तहसील के नगवा गाँव में एक विवाह समारोह उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब दूल्हे अवधेश सिंह ने दहेज़ के रूप में दी जा रही 31 लाख रुपये की राशि लेने से सबके सामने इनकार कर दिया। दुल्हन पक्ष द्वारा पारंपरिक तिलक समारोह में नोटों से भरी थाली प्रस्तुत की गई, लेकिन अवधेश ने इसे स्वीकार करने की बजाय वापस लौटा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थाली आगे बढ़ते ही अवधेश सिंह ने शांत स्वर में कहा कि दहेज़ लेना मेरे सिद्धांतों के खिलाफ है। आपके घर की बेटी मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, किसी धन की आवश्यकता नहीं।
दुल्हन पक्ष भावुक, परिवार ने की सराहना
अवधेश के इस कदम से दुल्हन पक्ष के परिजन—विशेष रूप से दुल्हन के नाना रमेश पाल और मामा राजवीर सिंह भावुक हो गए। उन्होंने खुलकर इस फैसले की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे निर्णय समाज में नई सोच को जन्म देते हैं।
परंपरागत रस्मों के साथ सम्पन्न हुई शादी
पूरी पारंपरिक रीति से सादगी और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुईं। दोनों परिवारों ने नवदंपति को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाँव में कायम हुई सकारात्मक मिसाल
घटना के बाद गाँव में दूल्हे के इस निर्णय की खूब चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दहेज़ जैसी कुप्रथा के खिलाफ यह कदम समाज को जागरूक करने वाला है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।