
मुज़फ़्फरनगर। NUMEX से जुड़े पुराने निवेश विवाद के बीच अब जमीन को लेकर नया मामला सामने आया है। आरोप है कि NUMEX समूह से संबद्ध कंपनियों द्वारा खरीदी गई लगभग 212 एकड़ से अधिक भूमि, जिसे पहले सेबी में गिरवी बताया गया था, उसी पर अब टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस खुलासे के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
दस्तावेज़ों से पता चला है कि यह जमीन सीधे NUMEX के नाम पर न होकर लगभग 17 अलग-अलग नामों और फर्मों के जरिए दर्ज कराई गई थी। सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि इनमें से कई कंपनियों का वास्तविक कारोबार स्पष्ट नहीं है, जिससे पंजीकरण पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जमीन वाकई सेबी में गिरवी है, तो फिर उस पर प्लॉटिंग और विकास कैसे शुरू किया गया। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि क्या टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए MDA (मुज़फ़्फरनगर विकास प्राधिकरण) से मान्य नक्शा और अनुमतियाँ ली गई हैं या नहीं।
निवेशकों और सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व, उसकी कानूनी स्थिति और प्लॉटिंग के पीछे जिम्मेदार पक्ष कौन हैं।
