मुज़फ़्फ़रनगर। शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दे पर जनपद के रोनी हरजीपुर गांव में बुधवार को एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। ग्रामीणों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र अपने रक्त से लिखकर भेजने का निर्णय लिया।
🔹 चौपाल पर हुई पंचायत
सुबह गांव की चौपाल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। बैठक में अंकुर राणा, धर्मवीर सिंह, सतपाल चौधरी और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि नए नियम उच्च शिक्षा में अवसरों की समानता पर असर डाल सकते हैं। उनका कहना था कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को पहले ही संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है, ऐसे में नीतिगत बदलाव उनके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।
🔹 प्रतीकात्मक विरोध का फैसला
बैठक के बाद कुछ युवाओं ने अपने रक्त से हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन तैयार किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कदम सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए उठाया गया है, ताकि शिक्षा नीति पर पुनर्विचार हो सके।
🔹 प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि यह ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार तक भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं बल्कि सामाजिक चिंता के आधार पर यह विरोध जता रहे हैं।
🔹 गांव में चर्चा, सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया
इस अनोखे विरोध की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग इसे युवाओं की बेचैनी का संकेत बता रहे हैं, तो कुछ इसे भावनात्मक कदम मान रहे हैं।
ग्रामीणों ने अंत में सरकार से अपील की कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे फैसले लिए जाएँ जो सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करें।
