मुज़फ्फरनगर, जानसठ रोड। जिले की औद्योगिक इकाइयों पर प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी को लेकर महालक्ष्मी पेपर मिल में पहुँची उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की विशेष टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। लखनऊ से आई इस टीम का उद्देश्य मिल में आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) एवं उत्सर्जन नियंत्रण तंत्र का निरीक्षण करना था।
टीम का नेतृत्व प्रवीण कुमार और राधेश्याम कर रहे थे, जबकि स्थानीय स्तर पर क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा, जेई संध्या शर्मा और जेई राजा कुमार भी साथ रहे। दल जैसे ही सैंपल संग्रह की प्रक्रिया शुरू करने लगा, तभी भाकियू (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए और निरीक्षण पर आपत्ति जताई।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मिल में गीला कचरा एवं पशु अपशिष्ट जलाए जाने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और प्रदूषण फैल रहा है। उनका कहना था कि जांच टीम केवल औपचारिक सैंपल लेकर लौटना चाहती है। विरोध के दौरान हाथापाई जैसी स्थिति बन गई और सैंपल बैग फट गया।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर टीम को वापस लौटना पड़ा। कार्यकर्ता करीब 15 किलोमीटर तक वाहन के पीछे चलते हुए मेरठ रोड स्थित मूलचंद रिसॉर्ट तक पहुँच गए और वहीं घेराव किया। सूचना मिलते ही मंसूरपुर पुलिस मौके पर पहुँची और टीम को सुरक्षा प्रदान की।
वहीं क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उनके अनुसार विरोध के कारण निरीक्षण अधूरा रह गया, इसलिए सैंपलिंग दोबारा कराई जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी मिल के धुएँ और दुर्गंध की शिकायतें दोहराई हैं, जबकि उद्योग प्रबंधन ने अपने पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम को मानक के अनुरूप बताया है।
मामले को लेकर आगे विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
