मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। जिले में लगातार बढ़ते प्रदूषण और अवैध कचरा भंडारण की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान कई अवैध प्लास्टिक वेस्ट गोदामों, कचरा डंपिंग साइटों और बिना अनुमति संचालित RDF इकाइयों को सील कर दिया गया। यह अभियान पर्यावरण सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर चलाया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी सहयोग दिया।
पूरी कार्रवाई का नेतृत्व क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने किया, जबकि उनके साथ सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार, कनिष्ठ अभियंता आकाश जोशी और अन्य पर्यावरण निरीक्षक मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले वहलना क्षेत्र का दौरा किया, जहां लंबे समय से अवैध रूप से प्लास्टिक कचरा जमा किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अधिकारियों ने धंधेडा, मखियाली और बिलासपुर मार्ग के आसपास स्थित संदिग्ध गोदामों की जांच की। कई स्थानों पर “गोदाम” और “पार्किंग स्थल” के नाम पर अवैध कचरा भंडारण किया जा रहा था, जबकि संचालकों के पास न तो पर्यावरण एनओसी थी और न ही वैध लाइसेंस।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथीन, खुले में पड़ा प्लास्टिक कचरा और अवैध रूप से तैयार किया गया RDF (कचरे से बना ईंधन) मिला। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में तेज दुर्गंध और धुएँ के कारण वायु गुणवत्ता भी गंभीर रूप से प्रभावित पाई गई। स्थिति को देखते हुए टीम ने मौके पर ही दो बड़े अवैध ठिकानों — शाह आलम के प्लास्टिक वेस्ट गोदाम और साजिद के कचरा भंडारण स्थल — को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और नोटिस चस्पा कर दिए। साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी गई।
वहलना और आसपास के गांवों के स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से जहरीली बदबू और काले धुएँ के कारण बच्चों और बुजुर्गों में सांस संबंधी बीमारियाँ बढ़ रही थीं। कई परिवारों ने शिकायतें भी दर्ज कराई थीं, लेकिन कार्रवाई में देरी हो रही थी। इस अभियान के बाद ग्रामीणों ने राहत जताई और कहा कि प्रशासन को ऐसे अवैध कचरा ठिकानों पर लगातार निगरानी रखनी चाहिए ताकि फिर से समस्या न खड़ी हो।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी गीतेश चंद्रा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में पूरे जिले में अवैध कचरा भंडारण स्थलों की सूची तैयार की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना, स्थायी सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जिले को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए अभियान जारी रहेगा।
