मुज़फ्फरनगर। शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में निकाले गए विरोध प्रदर्शन ने उस समय तनावपूर्ण मोड़ ले लिया, जब जुलूस के दौरान सड़क जाम, सरकारी कामकाज में बाधा और पुलिस अधिकारी से बदसलूकी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि विरोध में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए थाना प्रभारी (कोतवाल) को धमकी दी और कहा कि यदि रोका गया तो उनकी वर्दी फाड़ दी जाएगी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार यह प्रदर्शन महावीर चौक से होते हुए प्रकाश चौक और अंबेडकर तिराहे तक पहुंचा, जहाँ समर्थकों ने अपने वाहन सड़क पर खड़े कर दिए और चाबियाँ निकाल लीं। इससे आम नागरिकों, कर्मचारियों और मरीजों को भारी परेशानी हुई तथा एम्बुलेंस को भी निकलने में दिक्कत आई। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।
मामले की जांच के बाद एसपी सिटी संजय वर्मा के निर्देश पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में भाकियू (अराजनैतिक) के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह (बिजनौर), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी (बुलंदशहर), कुशलवीर (चरथावल) और मोहित त्यागी (बुलंदशहर) को नामजद करते हुए बड़ी संख्या में अन्य समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (मार्ग अवरुद्ध करना), 132 (लोक सेवक पर बल प्रयोग/धमकी), 191 (अवैध भीड़), 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना), 351 (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि शासन-प्रशासन शांति व्यवस्था से समझौता नहीं करेगा और ऐसे मामलों में क़ानूनी कार्रवाई सख्ती के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।
