मुज़फ्फरनगर। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत जनपद मुज़फ्फरनगर में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का बड़ा परिणाम सामने आया है। जिला निर्वाचन अधिकारी-जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि सत्यापन, फील्ड निरीक्षण और घर-घर मिलान के बाद जिले की मतदाता सूची से 3,44,217 नाम हटाए गए हैं। पुराने आँकड़े के अनुसार जिले में 21,12,586 मतदाता पंजीकृत थे, जो संशोधन के बाद घटकर 17,68,369 रह गए हैं।
यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 को निर्धारित अर्हता तिथि के आधार पर किया गया। सत्यापन में मृतक मतदाता, अन्य स्थान पर स्थायी रूप से स्थानांतरित व्यक्ति, डुप्लिकेट प्रविष्टि, गलत पंजीकरण तथा बिना साक्ष्य उपलब्ध कराए दर्ज नामों को डिलीट श्रेणी में चिह्नित किया गया। इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी कार्रवाई मुज़फ्फरनगर शहर विधानसभा क्षेत्र में हुई, जहां 92,460 मतदाता नाम हटाए गए। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में दोहरे पंजीकरण और अनुपस्थित मतदाताओं का अनुपात सर्वाधिक पाया गया।
जिले में संशोधित सूची के अनुसार पुरुष मतदाता 9,65,449, महिला मतदाता 8,02,831 तथा थर्ड-जेंडर मतदाता 89 दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान वोटर लिस्ट को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटि-रहित बनाने के लिए चलाया गया है, ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार का भ्रम या दोहराव न रहे।
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के साथ ही पात्र नागरिकों को 6 फरवरी 2026 तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि वे अपना नाम, पता और बूथ विवरण अवश्य मिलान करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुधार कराया जा सके।
