मुज़फ्फरनगर। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर शुक्रवार रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कैंडल मार्च के दौरान सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी के साथ कथित तौर पर मारपीट और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया और देर रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सूत्रों के अनुसार सपा जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे थे, तभी करणी सेना के प्रदेश सचिव गौरव चौहान अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोक-झोंक हुई, जिसके बाद माहौल बिगड़ गया और हाथापाई शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झड़प के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं।
सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तथा अतिरिक्त फोर्स मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाते हुए दोनों ओर के कई लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मामले में धारा 151 के तहत कार्रवाई की है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कैंडल मार्च को बाधित करने के उद्देश्य से जिलाध्यक्ष पर हमला किया गया। वहीं करणी सेना समर्थकों का कहना है कि सपा नेताओं के बयानों पर आपत्ति जताने के बाद विवाद बढ़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र किए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद शिव चौक, सिविल लाइन रोड और पार्टी कार्यालय क्षेत्र में रातभर पुलिस गश्त जारी रही।
