लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त और पारदर्शी बना दिया गया है। अब नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वाले नागरिकों को फॉर्म-6 के साथ एक विस्तृत घोषणा पत्र भी देना होगा।
निर्देशों के अनुसार, आवेदक को यह स्पष्ट रूप से घोषित करना होगा कि वह भारतीय नागरिक है, उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है और उसका नाम किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। इसके अलावा आवेदक को अपने या अपने माता-पिता के वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण, जैसे विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और क्रम संख्या भी बतानी होगी।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि यदि प्रस्तुत जानकारी का रिकॉर्ड से मिलान हो जाता है तो आवेदन स्वतः स्वीकार हो जाएगा, लेकिन किसी भी प्रकार की असंगति पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम फर्जी मतदान, बाहरी घुसपैठ और दोहरे पंजीकरण जैसी शिकायतों को रोकने के लिए उठाया गया है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध रहेगी।
चुनाव आयोग ने आम जनता से अपील की है कि वे सही दस्तावेज और सटीक जानकारी देकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहयोग करें।

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