सहारनपुर, 27 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश सरकार के वर्ष 2026 के आधिकारिक दीवार और टेबल कैलेंडर में इस बार सहारनपुर मंडल को विशेष पहचान मिली है। प्रदेश की थीम “विरासत भी, विकास भी” के अनुरूप मंडल के दो पूर्ण पृष्ठों पर कुल आठ महत्वपूर्ण धार्मिक, ऐतिहासिक और विकास से जुड़े स्थलों को स्थान दिया गया है। यह चयन न केवल सांस्कृतिक धरोहरों को सम्मान देता है, बल्कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को भी प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल धार्मिक पर्यटन स्थलों में सहारनपुर की माँ शाकंभरी देवी सिद्धपीठ और मुजफ्फरनगर का पौराणिक तीर्थ शुक्रताल प्रमुख हैं। दोनों स्थानों पर तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल और मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के समन्वित प्रयासों से क्षेत्रीय विरासत स्थलों को संरक्षित करते हुए विकास कार्यों को नई गति मिली है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के अनुसार, अप्रैल माह के कैलेंडर पृष्ठ पर माँ शाकंभरी देवी मंदिर के साथ शाकंभरी राजकीय विश्वविद्यालय, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम और नानौता में स्थापित नई खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के चित्र शामिल किए गए हैं। ये परियोजनाएं शिक्षा, खेल और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
वहीं, मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि दिसंबर माह का पृष्ठ जनपद को समर्पित है, जिसमें शुक्रताल धाम, पौराणिक वटवृक्ष, गंगा घाट, अटल आवासीय विद्यालय और गो अभ्यारण्य को दर्शाया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यही वह स्थान है जहां शुकदेव मुनि ने राजा परीक्षित को भागवत कथा का उपदेश दिया था। आज भी यह स्थल देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।
जिला सूचना अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता ने इसे सहारनपुर मंडल की सांस्कृतिक विरासत और विकास उपलब्धियों की बड़ी पहचान बताया है। उनके अनुसार, यह चयन क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और प्रदेश स्तर पर इसकी विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।

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