बागपत। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस के बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बागपत के दोघट क्षेत्र में आयोजित जनसभा से बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या विकास की राह में बड़ी चुनौती बनती जा रही है, इसलिए अब ठोस और निष्पक्ष कानून पर विचार होना चाहिए।
टिकैत ने मंच से कहा कि “परिवार में बच्चा एक ही हो—वह लड़का हो या लड़की—इसमें कोई अंतर नहीं होना चाहिए।” उन्होंने जोर दिया कि कानून ऐसा हो जो सामाजिक बराबरी को बढ़ावा दे और बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता को खत्म करे। उनके मुताबिक जनसंख्या बढ़ने से खेती की जमीन, पानी, रोजगार और सरकारी सुविधाओं पर सीधा दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नीति को लागू करते समय किसानों, मजदूरों और कमजोर वर्गों के हित सुरक्षित रहने चाहिए। टिकैत ने चेताया कि बिना सामाजिक सहमति और व्यावहारिक योजना के कानून लाने से समस्याएं बढ़ सकती हैं। सभा में मौजूद लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया और जनसंख्या नियंत्रण पर गंभीर चर्चा की जरूरत बताई।
