प्रयागराज। संत परंपराओं से जुड़े एक ताजा घटनाक्रम में किन्नर अखाड़ा ने पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी (यमाई ममता नंद गिरी) को संगठन से निष्कासित करने की घोषणा की है। यह कार्रवाई उनके उस बयान के बाद सामने आई जिसमें उन्होंने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की आध्यात्मिक स्थिति और पद की गरिमा पर सवाल उठाए थे।
🔹 बयान के बाद बढ़ा विवाद
हाल में दिए गए एक सार्वजनिक वक्तव्य में ममता कुलकर्णी ने कहा था कि केवल पारंपरिक उपाधि धारण करना ही आध्यात्मिक श्रेष्ठता का प्रमाण नहीं होता। इस टिप्पणी को संत समाज के एक वर्ग ने शंकराचार्य पद के सम्मान के विरुद्ध माना। बयान के बाद धार्मिक संगठनों और साधु-संतों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं।
🔹 अखाड़े का आधिकारिक निर्णय
किन्नर अखाड़ा की प्रमुख डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि अखाड़ा किसी भी धार्मिक पीठ या संत परंपरा के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी का समर्थन नहीं करता। उन्होंने बताया कि संगठन सभी परंपराओं का सम्मान बनाए रखने के सिद्धांत पर चलता है। इसी कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए ममता कुलकर्णी की सदस्यता समाप्त कर दी गई।
🔹 आध्यात्मिक पृष्ठभूमि
ममता कुलकर्णी ने फिल्म जगत छोड़ने के बाद धार्मिक जीवन अपनाया था। उन्हें किन्नर अखाड़ा द्वारा पहले एक मानद धार्मिक पद भी दिया गया था और वे कई आध्यात्मिक आयोजनों में भाग ले चुकी हैं।।
🔹 संत समाज में मिश्रित प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद संत समुदाय में अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक परंपरा की रक्षा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत विचार अभिव्यक्ति से जोड़कर देख रहे हैं।
फिलहाल किन्नर अखाड़ा ने साफ किया है कि संगठन अनुशासन और परंपरागत सम्मान के सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगा।
