शामली जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मेरठ विजिलेंस टीम ने स्टांप विभाग के सहायक आयुक्त रविंद्र मेहता और उनके स्टेनो अश्वनी कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार एक किसान ने विजिलेंस विभाग को शिकायत दी थी कि उसकी जमीन की वैध जांच रिपोर्ट तैयार करने के बदले उससे पहले 6 लाख रुपये मांगे गए। बाद में यह रकम घटाकर 1.60 लाख रुपये कर दी गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मेरठ विजिलेंस की 12 सदस्यीय टीम ने पूरी योजना के तहत ट्रैप ऑपरेशन किया। जैसे ही आरोपी स्टेनो ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। दोनों को थाना आदर्श मंडी ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
