शामली, उत्तर प्रदेश। जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बैठक की शुरुआत विभागीय प्रस्तुतिकरण से हुई, जिसमें टीकाकरण, जननी सुरक्षा, परिवार कल्याण, पोषण कार्यक्रम तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आंकड़े साझा किए गए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ योजनाओं में जमीनी स्तर पर काम की रफ्तार धीमी है और निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने, डेटा अपडेट नियमित रखने और लक्ष्य समय पर पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
विशेष रूप से टीकाकरण सत्रों की निगरानी कमजोर मिलने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. करन चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम में ढिलाई किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, एएनएम आरती और ऑप्टोमेट्रिस्ट रूपेंद्र कुमार के कार्य में कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। इस समिति में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं और इसे तीन कार्यदिवस में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार, सीएमएस डॉ. किशोर आहूजा, एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल, जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के अधिकारी, आईसीडीएस विभाग के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ा विषय है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए और तय समयसीमा में परिणाम दिखाए।

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