कराकास / वॉशिंगटन। लैटिन अमेरिका की राजनीति और वैश्विक सामरिक समीकरणों को झकझोर देने वाली कार्रवाई में अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकास और उसके रणनीतिक ठिकानों पर विशेष सैन्य अभियान चलाते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। इस समन्वित कार्रवाई को अमेरिकी सेना ने “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” का नाम दिया, जो व्यापक सैन्य रणनीति “सदर्न स्पीयर” के तहत संचालित किया गया।
अमेरिका के अनुसार यह ऑपरेशन “नार्को-संगठनों, अवैध तस्करी नेटवर्क और सुरक्षा-विरोधी तत्वों” के विरुद्ध लक्षित अभियान था, जबकि वेनेजुएला इसे अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता पर सीधा हमला बता रहा है।
🔹 ऑपरेशन का उद्देश्य — सुरक्षा, दबदबा या सत्ता परिवर्तन?
अमेरिकी प्रशासन ने दावा किया कि—
वेनेजुएला में सक्रिय नार्को-तस्करी गठजोड़
अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क
और कथित राजनीतिक संरक्षण तंत्र
क्षेत्रीय शांति और अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके थे।
अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई—
✔ सुरक्षा हितों की रक्षा
✔ आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने
✔ और “लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने”
के लक्ष्य से की गई।
आलोचक इसे राजनीतिक हस्तक्षेप और ऊर्जा-हितों से जुड़ा कदम भी मान रहे हैं।
🔹 ऑपरेशन कैसे चला — मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम
रात के समय शुरू हुआ यह अभियान तीन चरणों में संचालित हुआ —
पहला चरण — एयर डिफेंस न्यूट्रलाइजेशन
कराकास और तटीय क्षेत्रों के प्रमुख एयर-डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय किया गया
संचार व रडार कंट्रोल नेटवर्क बाधित किया गया
दूसरा चरण — स्पेशल फोर्स एंट्री
विशेष हेलिकॉप्टरों से अमेरिकी कमांडो यूनिट्स को उतारा गया
मादुरो के उच्च सुरक्षा जोन की घेराबंदी की गई
तीसरा चरण — हाई-वैल्यू टारगेट कस्टडी
मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया
उन्हें पहले नौसैनिक युद्धपोत पर स्थानांतरित किया गया
उसके बाद सुरक्षित सैन्य निगरानी में ले जाया गया
पूरी कार्रवाई को “तेज़, सीमित और लक्ष्य-केंद्रित” बताया गया।
🔹 कितनी बड़ी थी अमेरिकी सैन्य ताकत?
अमेरिकी ऑपरेशन में त्रि-आयामी युद्ध तैनाती शामिल रही —जमीनी और विशेष बल ,स्पेशल ऑपरेशन यूनिट्स, कमांडो एवं एयर-असॉल्ट टीमें , हवाई शक्ति, लड़ाकू एवं सपोर्ट एयरक्राफ्ट , निगरानी ड्रोन एवं मिशन सपोर्ट विमान
नौसेना तैनाती , एम्फीबियस असॉल्ट शिप, डेस्ट्रॉयर एवं एस्कॉर्ट वेसल ,सपोर्ट एवं लॉजिस्टिक जहाज़
कमांड संरचना संयुक्त एकीकृत कमान के अंतर्गत संचालित रही।
🔹 कमांड व रणनीतिक नियंत्रण
ऑपरेशन — राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रपति अनुमोदन , संयुक्त सैन्य मुख्यालय की निगरानी ,थिएटर कमांड के संचालन नियंत्रण के तहत संचालित हुआ।
फील्ड-लेवल पर विशेष बलों के कमांडरों ने समन्वय स्थापित किया, जबकि नौसेना और वायुसेना ने बैक-एंड सपोर्ट की भूमिका निभाई।
🔹 कार्रवाई के परिणाम — सत्ता समीकरण में बड़ा बदलाव
✔ मादुरो हिरासत में
✔ वेनेजुएला में अंतरिम प्रशासनिक अनिश्चितता
✔ सुरक्षा प्रतिष्ठान सतर्क मोड पर
अमेरिका ने कहा —
स्थिरता, कानून-व्यवस्था और सत्ता संरचना के सुरक्षित पुनर्गठन में सहयोग किया जाएगा।
वेनेजुएला सरकार के समर्थक दलों ने इसे
“आक्रामक हस्तक्षेप” करार दिया है।
🔹 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ — समर्थन और विरोध में खेमाबंदी
कुछ देशों ने इसे सत्ता हस्तक्षेप और संप्रभुता उल्लंघन बताया
कई राष्ट्रों ने संयम, वार्ता और अंतरराष्ट्रीय कानून पर जोर दिया
कुछ देश इसे नार्को-तंत्र के खिलाफ सख्त कदम मान रहे हैं
संयुक्त राष्ट्र स्तर पर कूटनीतिक चर्चा तेज़ हो गई है।
🔹 क्षेत्रीय व वैश्विक असर — आगे क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि— लैटिन अमेरिकी सत्ता संतुलन बदल सकता है ,ऊर्जा बाज़ारों पर असर दिख सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सैन्य-कूटनीति और आक्रामक रणनीति पर नई बहस शुरू होगी
अमेरिका इस ऑपरेशन को
सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिबद्धता का संकेत बता रहा है,
जबकि विरोधी पक्ष इसे
शक्ति-प्रदर्शन की नई मिसाल मान रहा है।



