संभल, उत्तर प्रदेश। संभल जनपद में न्यायपालिका और प्रशासन के बीच टकराव जैसे हालात उस समय बन गए, जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया। यह वही जज थे, जिन्होंने नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा के प्रकरण में अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश पारित किया था।
हालिया प्रशासनिक आदेश के अनुसार विभांशु सुधीर को सुल्तानपुर स्थानांतरित किया गया है, जबकि संभल में उनकी जगह आदित्य सिंह को नया CJM नियुक्त किया गया है। इस फैसले के सामने आते ही संभल कचहरी में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में वकीलों ने एकत्र होकर नारेबाज़ी की और आरोप लगाया कि न्यायिक फैसलों पर दबाव बनाया जा रहा है।
वकीलों का कहना है कि यदि संवेदनशील मामलों में आदेश देने वाले जजों का इस तरह तबादला होगा, तो इससे आम जनता का न्याय व्यवस्था से भरोसा कमजोर होगा। कुछ अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करार दिया, जबकि प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए न्यायालय परिसर के आसपास पुलिस तैनात की गई। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला अब प्रदेश स्तर पर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन चुका है।
संभल में न्यायिक तबादले से भड़का विवाद: एफआईआर आदेश के बाद बदले गए CJM, वकीलों ने सरकार पर उठाए सवाल
