नई दिल्ली | निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और कथित मुनाफाखोरी को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शिक्षा सेवा का क्षेत्र है, न कि मुनाफा कमाने का व्यवसाय, और यदि कोई स्कूल इसका उल्लंघन करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि सरकार शिक्षा के अधिकार कानून सहित अन्य वैधानिक प्रावधानों के माध्यम से निजी स्कूलों पर नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई निजी विद्यालय फीस, किताबों और अन्य गतिविधियों के नाम पर मनमानी वसूली कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पर केंद्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाई जाए।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर निजी स्कूलों की फीस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाएगा, ताकि आम परिवारों को राहत मिल सके।
