मुझफ़्फरनगर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी ने वोटर सुरक्षा और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट ज़िया चौधरी के निर्देशन में गठित इस योजना का लक्ष्य है कि कोई भी योग्य मतदाता किसी भी वजह से सूची से बाहर न रहे और यदि सूची से नाम हटाने जैसे प्रयास हों तो उनका कानूनी तरीके से विरोध किया जाए।
इस उद्देश्य से सपा ने जिले के हर विधानसभा क्षेत्र में 5 वरिष्ठ वकीलों की सहायता टीमें नियुक्त की हैं। ये टीमें मतदाताओं को निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे जा रहे संभवतः जटिल या कठिन नोटिसों का जवाब तैयार करने में मदद करेंगी। साथ ही, प्रत्येक बूथ पर दो-दो सपा प्रभारियों को हेल्पडेस्क के तौर पर तैनात किया गया है ताकि जनता को सीधे संपर्क और मार्गदर्शन मिल सके।
ज़िया चौधरी ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची सटीक और अपडेटेड रहे। इसके लिए आगामी शनिवार और रविवार को विशेष बूथ-स्तरीय अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें नए वोटरों का पंजीकरण, डेटा जाँच, और शिकायतों का निवारण प्राथमिकता पर रहेगा।
बैठक में सपा के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता और वरिष्ठ नेताओं — जैसे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. अविनाश कपिल, संजय आर्य, सत्यदेव शर्मा, पूजा अनिल अंबेडकर, और नवाब इम्तियाज कुरैशी — ने भी भाग लिया और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराया।
यह पहल ऐसे समय में आई है जब नागरिकों के मतदाता सूची संबंधी अधिकारों को लेकर बहस और प्रयास जोर पकड़ रहे हैं, और सपा प्रमुख रूप से इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सहायता देना चाहती है।
