हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की क्षेत्र में हुआ अग्निकांड सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रवासी मजदूरों की असुरक्षित ज़िंदगी की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है। गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट से लगी आग में नेपाल के सल्यान जिले के सिद्धकुमाख-2 गांव के दो परिवारों के नौ सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना रात के समय की है, जब सभी लोग काम से थककर सो रहे थे। बताया जा रहा है कि कमरे के भीतर रखा एलपीजी सिलेंडर अचानक फट गया। कुछ ही सेकेंड में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मदद की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को बचाया नहीं जा सका।
मृतकों में धनबहादुर विक (33), उनकी पत्नी कविता (32), बेटियाँ राधा (16), रेणुका (10) और मासूम बेटा राजन (22 माह) शामिल हैं। वहीं दूसरे परिवार के काशीराम विक (46), उनकी पत्नी टीका, बेटी अनु (11) और बेटा किरण (7) भी इस हादसे का शिकार हो गए।
दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। कुछ शव बुरी तरह झुलस चुके थे, जिससे पहचान में भी कठिनाई हुई। दोनों परिवार मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे और बेहतर भविष्य की तलाश में अपने देश से दूर थे।
घटना की सूचना नेपाल पहुंचते ही सिद्धकुमाख-2 गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन और ग्रामीण भारत व नेपाल सरकार से सहायता और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गैस सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
