मेरठ। भावनपुर थाना पुलिस ने नकली नोटों की गड्डियां देकर लोगों को ठगने और बाद में पुलिसिया कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें भावनपुर थाने में तैनात रहे दो सिपाहियों की भूमिका भी सामने आई है। दोनों को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।मामला मवाना थाना क्षेत्र के इरशाद गांव निवासी व्यक्ति से जुड़ा है। उसने पुलिस को बताया था कि तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर तमंचे के बल पर उससे 50 हजार रुपये लूट लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो साजिद, फैजान और अभिषेक की भूमिका सामने आई। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो पूरे गिरोह का तरीका सामने आ गया।पुलिस के अनुसार आरोपित लोगों को नकली नोटों की गड्डी को असली बताकर सौंपते थे। गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में नकली नोट भरे रहते थे। इसके बदले सामने वाले व्यक्ति से कई गुना अधिक रकम मांगी जाती थी। गड्डी असली समझकर जब व्यक्ति रकम देता था तो गिरोह के सदस्य वहां से निकल जाते थे।जांच के दौरान गिरोह के साथ भावनपुर थाने में तैनात रहे सिपाही प्रशांत और आशीष कुमार की मिलीभगत भी सामने आई। आरोप है कि दोनों सिपाही गिरोह के सदस्यों से संपर्क में रहते थे और सौदे के समय मौके पर पहुंचकर पुलिस कार्रवाई का भय पैदा करते थे। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को जेल भेजने की धमकी देकर रुपये ऐंठने का प्रयास किया जाता था।पुलिस के मुताबिक गिरोह लोगों का विश्वास जीतने के लिए पहले असली नोट दिखाता था। इसके बाद नकली नोटों की गड्डी सौंपकर उन्हें बड़ी रकम के लालच में फंसाया जाता था। गिरोह से 25 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों में से दो वर्ष 2022 में इसी तरह की वारदात के मामले में जेल जा चुके हैं।एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि मामले में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व में की गई वारदातों की भी जानकारी जुटा रही है।