लखनऊ, 11 फरवरी 26 । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए लगभग ₹9.12 लाख करोड़ का विशाल बजट पेश कर विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण पर बड़ा दांव खेला है। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे “समावेशी विकास का दस्तावेज” बताया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा तय करेगा।
सबसे ज्यादा चर्चा जिस घोषणा की रही, वह है छात्राओं के लिए स्कूटी योजना। सरकार ने इसके लिए ₹400 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या परिवहन बाधाओं के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो।
शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देते हुए फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना जारी रखने के लिए भी धन आवंटित किया है। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों के विस्तार, नए पॉलिटेक्निक और कौशल विकास केंद्र खोलने की दिशा में बजट प्रावधान किए गए हैं। युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की तैयारी है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर भी बजट खास रहा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह अनुदान हेतु ₹150 करोड़ की व्यवस्था की गई है। महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने, सूक्ष्म वित्त सहायता देने और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। महिला सुरक्षा तंत्र, हेल्पलाइन सेवाओं और थानों में महिला डेस्क को सशक्त करने के लिए भी अतिरिक्त धन उपलब्ध कराया गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने ₹10,888 करोड़ का प्रावधान कर किसानों को राहत देने की कोशिश की है। इसमें सिंचाई परियोजनाओं, नहरों के जीर्णोद्धार, कृषि यंत्रीकरण और फसल सहायता योजनाओं पर खर्च शामिल है। ग्रामीण मंडियों के आधुनिकीकरण और भंडारण सुविधाओं में सुधार से किसानों को बेहतर बाजार और दाम मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को ₹37,956 करोड़ आवंटित किए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा के लिए ₹14,997 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु ₹1,023 करोड़ शामिल हैं। जिला अस्पतालों के उन्नयन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया गया है।
बुनियादी ढांचे के विकास में सरकार ने गति बनाए रखने का संकेत दिया है। प्रदेश में 12 नए एक्सप्रेसवे विकसित करने की दिशा में बजट प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा शहरी परिवहन सुधार, पुल निर्माण और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण पर भी भारी निवेश की योजना है। इससे औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में MSME सेक्टर के लिए ₹3,822 करोड़ का आवंटन किया गया है। लघु और सूक्ष्म उद्योगों को सस्ती ऋण सुविधा, प्रशिक्षण और विपणन सहायता देने की योजनाएँ शामिल हैं। स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएँ चलाई जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हो सके।
कुल मिलाकर यह बजट युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को सहारा और प्रदेश को तेज रफ्तार विकास देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। खासकर स्कूटी योजना ने छात्राओं के बीच नई उम्मीद जगाई है, जिससे यह बजट सामाजिक बदलाव की दिशा में भी याद रखा जाएगा।
