यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी जन्मभूमि क्षेत्र यमकेश्वर पहुँचकर शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सौगात दी। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज यमकेश्वर में नवनिर्मित शैक्षणिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी रही।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई। विद्यालय परिसर को स्थानीय संस्कृति के अनुरूप सजाया गया था। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार और आत्मनिर्भरता की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ भारतीय मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ग्रामीण अंचलों में शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि जब गांवों के विद्यालय सशक्त होंगे, तभी पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर ही प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रोजगारपरक और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र के लिए यह गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह नया भवन केवल ईंट-गारे की संरचना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सपनों का केंद्र बनेगा। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा विद्यालय परिवार ने अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किए। स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपने क्षेत्र में शैक्षणिक सुविधाएँ बढ़ने पर खुशी जताई। नए भवन में आधुनिक कक्षाएँ, प्रयोगशाला कक्ष और पुस्तकालय कक्ष की व्यवस्था की गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा।
समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इस पहल से यमकेश्वर और आसपास के गांवों में शिक्षा के स्तर को नई दिशा मिलेगी और युवा पीढ़ी को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
