मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी बनाने के लिए न्यायिक तंत्र ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित एक समन्वय बैठक में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे लंबित ऋण वसूली और समझौता योग्य मामलों को अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि आपसी सहमति से त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को जनपद के विभिन्न न्यायालय परिसरों में किया जाएगा। इस दौरान बैंक ऋण विवाद, चेक बाउंस प्रकरण, पारिवारिक वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावे, विद्युत एवं जल बिल से जुड़े विवाद, तथा अन्य सुलह योग्य दीवानी मामलों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा।
प्राधिकरण की ओर से उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालतें आमजन को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम हैं। बैंकों से विशेष रूप से कहा गया कि वे ऐसे खाताधारकों को नोटिस भेजें जिनके मामले समझौते के माध्यम से सुलझ सकते हैं, ताकि दोनों पक्षों का समय और धन बचाया जा सके।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए न्यायिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों से भी सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है। साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराने का अवसर अवश्य लें।

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