प्रयागराज/संभल, 10 फरवरी। बहुचर्चित संभल हिंसा प्रकरण में तैनात रहे पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी को बड़ी न्यायिक राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा पारित उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संबंधित आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
यह मामला वर्ष 2024 में संभल स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र में हुए सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की घटनाएँ सामने आई थीं। बाद में एक घायल युवक के परिजन ने आरोप लगाया था कि पुलिस की कार्रवाई में अति बल प्रयोग हुआ। इसी शिकायत पर स्थानीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
याचिकाकर्ता पक्ष ने हाईकोर्ट में दलील दी कि निचली अदालत ने वैधानिक प्रक्रिया और आवश्यक सरकारी अनुमति से जुड़े पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया। राज्य सरकार की ओर से भी आदेश को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने प्रारंभिक तौर पर आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों से विस्तृत जवाब तलब किया है।
