बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाराबंकी में आयोजित एक जनसभा के दौरान अयोध्या विवाद से जुड़े मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अतीत के जिन विवादों का समाधान हो चुका है, उन्हें दोबारा खड़ा करने की कल्पना भी निरर्थक है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश संविधान और न्यायालय के निर्णयों से चलता है, भावनाओं के उकसावे से नहीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। उनके अनुसार, समाज को आगे बढ़ाने का रास्ता विकास और स्थिरता से होकर जाता है, न कि पुराने विवादों को जीवित रखने से।
सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा, विकास और सुशासन है। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी तरह की भड़काऊ बयानबाजी या सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिशों पर प्रशासन सख्ती से निपटेगा।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए हालिया विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कानून व्यवस्था को सर्वोच्च मानती है।
सभा के बाद राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएँ तेज हो गईं। समर्थकों ने इसे स्पष्ट नेतृत्व का संदेश बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयान करार दिया।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
