बिजनौर, उत्तर प्रदेश। आधुनिक तकनीक और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक संभावित दुखद घटना को टाल दिया। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से मिले आपात संकेत के आधार पर बिजनौर पुलिस ने एक 25 वर्षीय युवती को समय रहते अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचा ली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावनात्मक वीडियो साझा किया था, जिसमें उसने गंभीर मानसिक तनाव में होने के संकेत दिए। वीडियो को प्लेटफ़ॉर्म की सेफ्टी मॉनिटरिंग प्रणाली ने चिन्हित किया, जिसके बाद संबंधित जानकारी Meta की ओर से राज्य स्तर पर भेजी गई। यह अलर्ट उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल तक पहुँचा, जहाँ से तत्काल लोकेशन ट्रेस कर सूचना बिजनौर पुलिस को दी गई।
कोतवाली नगर क्षेत्र की पुलिस टीम, जिसमें एक महिला उपनिरीक्षक भी शामिल थीं, कुछ ही मिनटों में बताए गए पते पर पहुंच गई। घर के अंदर युवती अचेत अवस्था में मिली। परिजनों की मदद से उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी में रखा। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलना जीवनरक्षक साबित हुआ।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि युवती पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव और व्यक्तिगत कारणों से मानसिक दबाव में थी। पुलिस ने परिजनों को काउंसलिंग सहायता लेने की सलाह दी है और स्वयं भी संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया।
