लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राजधानी के गोमतीनगर इलाके में एक स्पा-कैफे के बहाने कथित रूप से देह व्यापार संचालित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हड़काया है, बल्कि सामाजिक संगठनों में भी व्यापक चिंता पैदा कर दी है।
पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर के सेक्टर-7 स्थित एक स्पा-कैफे में कुछ युवतियों को नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता था। बाद में आरोपियों ने कथित रूप से उन्हें नशीला पदार्थ देकर वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई और उसके बाद ब्लैकमेलिंग के माध्यम से उनसे आपत्तिजनक गतिविधियाँ करवाने का दबाव बनाया। इससे जुड़ी शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।
पीड़ित युवतियों में से एक ने पुलिस को बयान देते हुए बताया कि उसे लखनऊ आने के लिए पहले नौकरी का प्रलोभन दिया गया था। जब वह स्पा-कैफे में पहुंची, तो उसके साथ आपत्तिजनक हरकतें की गईं और उसे धमकियों के साथ ऐसे कार्यों के लिए मजबूर किया गया। एक अन्य युवती ने तो यह भी दावा किया कि उसे नाबालिग अवस्था में लखनऊ बुलाया गया और फिर दबाव डालकर अश्लील वीडियो बनवाए गए।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता तथा देह व्यापार नियंत्रण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि कथित रूप से आरोपी संचालन से जुड़े व्यक्ति की पहचान की जा रही है, जिनके खिलाफ आगामी दिनों में गिरफ्तारी भी संभव है।
गोमतीनगर पुलिस ने बताया कि जांच टीम दोनों युवक और युवतियों से बयान दर्ज कर रही है, साथ ही स्पा-कैफे के परिसर और इलेक्ट्रॉनिक रिकार्डिंग, मोबाइल फोन डेटा तथा वीडियो फुटेज को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के ब्लैकमेलिंग और गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय सामाजिक संगठन और नागरिक समूह भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने इस तरह के छल-प्रपंच के नाम पर काम चलाने वाले स्पा-कैफे के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सतर्कता रखने की मांग उठाई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मामले पर गहन नजर रखने के निर्देश दिए हैं और बताया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
