यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 88 के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क किनारे खड़ी यात्री बस में पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के बाहर खड़े यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के मुताबिक निजी बस दिल्ली से कानपुर की ओर जा रही थी। रात गहराने के साथ कुछ यात्रियों ने बस रुकवाने का आग्रह किया। चालक ने एक्सप्रेसवे पर निर्धारित आपात पार्किंग या सेफ जोन तक जाने की बजाय वाहन को सीधे सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही कई यात्री नीचे उतरकर सड़क के किनारे खड़े हो गए। उसी दौरान पीछे से आ रहा एक भारी कंटेनर वाहन अचानक बस से जा टकराया। जोरदार टक्कर के बाद बस आगे की ओर धकेल दी गई और पास खड़े यात्री उसकी चपेट में आ गए।
मृतकों में 32 वर्षीय सोनू कुमार, निवासी सरवा कटरा जिला औरैया, 28 वर्षीय देवेश तिवारी, निवासी अलेवल जिला बस्ती, 35 वर्षीय असलम खान, निवासी गणेशकपुरा कन्नौज और 30 वर्षीय संतोष सिंह, निवासी प्रेम नगर दिल्ली की पहचान हो चुकी है। दो अन्य मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। हादसे में घायल हुए 27 वर्षीय अमर दुबे, निवासी बेला जिला औरैया, को गंभीर हालत में मथुरा के जिला अस्पताल से रेफर कर उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है, जहाँ उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
दुर्घटना के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस, एक्सप्रेसवे पेट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुँचीं। क्षतिग्रस्त बस के आसपास बिखरे यात्रियों को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात धीमा हो गया, लेकिन क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर मार्ग को फिर से चालू कराया गया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बस को एक्सप्रेसवे नियमों के विपरीत असुरक्षित स्थान पर रोका गया था। तेज रफ्तार कंटेनर चालक समय पर वाहन नियंत्रित नहीं कर सका। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है और तकनीकी जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर बिना निर्धारित लेन या सुरक्षित ज़ोन के वाहन रोकना बेहद खतरनाक है, खासकर रात के समय जब दृश्यता कम होती है और वाहन तेज गति से गुजरते हैं।
