मुज़फ़्फ़रनगर में बहुचर्चित अपहरण प्रकरण में लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार अदालत ने सख्त फैसला सुनाया। करीब 14 वर्ष पहले दर्ज हुए इस मामले में दोषी पाए गए आरोपी नौशाद को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला वर्ष 2011 का है, जब शहर के एक मोहल्ले से युवक अरशद अचानक लापता हो गया था। परिजनों की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अरशद आखिरी बार अपनी रिश्तेदारी में गया था, जहां से उसके गायब होने की कड़ी जुड़ी। पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसी परिवार से जुड़े नौशाद को हिरासत में लिया। अभियोजन के अनुसार पुरानी रंजिश इस घटना की मुख्य वजह बताई गई।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष रखी। बचाव पक्ष की दलीलों के बावजूद अदालत ने माना कि आरोपी की भूमिका संदेह से परे सिद्ध होती है। फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि इस तरह के अपराध समाज में भय और असुरक्षा पैदा करते हैं, इसलिए कठोर दंड आवश्यक है।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया। लंबे इंतजार के बाद मिला यह न्याय शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group