मुज़फ्फरनगर। पारिवारिक कलह से जुड़े एक चर्चित हत्या प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पिता को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के छिम्पीवाड़ा मोहल्ले का है, जहाँ 22 मार्च 2021 को 24 वर्षीय युवक दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक की मां पूनम देवी ने अपने पति बिजेंद्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि घरेलू विवाद के दौरान कहासुनी बढ़ने पर बिजेंद्र ने गुस्से में आकर बेटे के सिर पर भारी वस्तु से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल करते हुए हत्या की धारा में मुकदमा चलाया। घटना के समय घर में मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों को भी गवाह बनाया गया था।
हालांकि अदालत में सुनवाई के दौरान कई गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। कुछ ने घटना को लेकर स्पष्ट जानकारी न होने की बात कही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट की पुष्टि तो हुई, लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि वार किसने किया। घटनास्थल से बरामद वस्तुओं की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी अभियोजन के पक्ष को पूरी तरह मजबूत नहीं कर सकी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामला संदेह और पारिवारिक तनाव पर आधारित है, प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य नहीं हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। इसी आधार पर आरोपी पिता बिजेंद्र को दोषमुक्त करार देते हुए रिहा करने का आदेश दिया गया।

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