सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) – सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे भ्रष्टाचार रोधी अभियान के चलते आज सहारनपुर में जिला खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के एक कर्मचारी को लोन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।
एंटी-करप्शन टीम ने कार्यवाही करते हुए चतुर्थ श्रेणी कार्मिक राहुल शर्मा (उम्र 38 वर्ष) को ₹5,000 रिश्वत लेते हुए दबोचा, जो कि विभागीय योजनाओं से लाभ दिलाने के बहाने स्थानीय किसान से अवैध धन वसूल रहा था।
स्थानीय निवासी किसान आकिब मलिक (45 वर्ष) ने बताया कि उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से स्वरोज़गार लोन के लिए आवेदन किया था। लेकिन राहुल शर्मा ने फाइल आगे बढ़ाने और लोन अवार्ड कराने के एवज में पैसे की मांग शुरू कर दी। शिकायत की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आकिब ने भ्रष्टाचार निवारण इकाई को सूचना दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन किया।
एंटी-करप्शन टीम के अनुसार, जैसे ही राहुल शर्मा ने किसान से निर्धारित रकम ₹5,000 स्वीकार की, कार्रवाई की गई और उसे गिरफ्तार कर कार्यालय परिसर से हिरासत में ले लिया गया। इस अप्रत्याशित गिरफ्तारी से विभाग कार्यालय में उतार-चढ़ाव का माहौल बन गया और अन्य कर्मचारियों में आश्चर्य की लहर दौड़ गई।
गिरफ्तार आरोपी राहुल शर्मा के खिलाफ सदर बाजार थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा संबंधित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस और एंटी-करप्शन अधिकारी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और यदि आवश्यक हुआ तो विभागीय स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ करेंगे।
एंटी-करप्शन इकाई के वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, “सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक बिना किसी रोक-टोक और अवैध मांग के पहुँचना चाहिए। किसी भी रूप में रिश्वतखोरी या अवैध धन वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
गिरफ्तार कर्मचारी राहुल शर्मा स्थानीय निवासी हैं और विभाग में पिछले कई वर्षों से कार्यरत थे।
