मुजफ्फरनगर। शहर के पॉश माने जाने वाले संतोष विहार मोहल्ले में पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। बीते कई दिनों से घरों में सप्लाई हो रहे बदबूदार और मटमैले पानी को पीने के बाद बच्चों और बुजुर्गों के बीमार पड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। हालात से नाराज़ स्थानीय लोगों ने मंगलवार को कॉलोनी की मुख्य सड़क पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था की मांग उठाई।
मोहल्ला निवासी राजीव त्यागी, शबीना परवीन, अनिल कुमार और रीना देवी ने बताया कि करीब एक सप्ताह से नलों से आने वाले पानी का रंग पीला और गंध बेहद तीखी है। परिवारों ने मजबूरी में वही पानी उपयोग किया, जिसके बाद कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। शबीना परवीन ने बताया कि उनके 8 वर्षीय बेटे अयान को तेज बुखार और उल्टी होने पर निजी क्लीनिक ले जाना पड़ा। वहीं राजीव त्यागी के अनुसार उनकी बुजुर्ग मां भी दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ गईं।
कॉलोनी की महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार जलापूर्ति विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना दी, लेकिन पाइपलाइन की सफाई या टंकी की जांच के लिए कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। समस्या बढ़ने पर लोगों ने गंदे पानी से भरी बोतलें और बाल्टियां लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर कार्यालय पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मोहल्ले की मुख्य पाइपलाइन में गंदगी मिलने या सीवर लाइन के रिसाव की आशंका है, जिसकी तकनीकी जांच आवश्यक है। फिलहाल कई परिवार बाजार से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग हैंडपंप का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी खतरे को देखते हुए अभिभावकों में डर का माहौल है और बच्चों को उबला पानी ही पिलाया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पानी के सैंपल की लैब जांच कराई जाए, सप्लाई लाइन की तत्काल सफाई हो और भविष्य में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि लापरवाही की कीमत मासूम बच्चों की सेहत से नहीं चुकाई जा सकती। संतोष विहार की यह समस्या अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है और लोग प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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