नई दिल्ली/मुज़फ्फरनगर। खेती और किसान से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का असर सीधे भारतीय खेती पर पड़ सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि सस्ता विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बढ़ा तो छोटे किसानों को अपनी फसल का उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा।
भाकियू के वरिष्ठ नेता नरेश टिकैत ने कहा कि संगठन अब गांव स्तर तक किसानों को इन मुद्दों की जानकारी देगा। मुज़फ्फरनगर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने बताया कि जल्द ही तहसील और ब्लॉक स्तर पर बैठकों का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान जागरूक हो सकें।
किसानों ने सरकार से मांग की कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था को किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से प्रभावित न होने देने की लिखित गारंटी दी जाए। नेताओं ने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे चलकर जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किए जा सकते हैं।
बैठक शांतिपूर्ण रही, लेकिन किसानों ने साफ कर दिया कि यह लड़ाई राजनीति की नहीं, बल्कि खेती और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है।

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