मुज़फ्फरनगर, मुज़फ्फरनगर। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं और पूर्ति विभाग के बीच बढ़ता तनाव खुलकर सामने आ गया, जब जिले भर के राशन डीलर एकजुट होकर जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय पहुँच गए और जोरदार प्रदर्शन किया। डीलरों ने आरोप लगाया कि तकनीकी अव्यवस्था और कम कमीशन के कारण उनका कामकाज ठप होने की कगार पर है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे डीलर संघ के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार और महामंत्री शाहनवाज़ अली ने बताया कि नई ई-पॉस मशीनें ठीक से काम नहीं कर रहीं। कई दुकानों पर अंगूठा सत्यापन फेल हो जाता है, सर्वर बार-बार डाउन रहता है और वितरण का डेटा अपलोड नहीं हो पाता। इससे उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है और विवाद की स्थिति बन जाती है।
डीलरों का कहना है कि प्रति क्विंटल मिलने वाला कमीशन वर्षों से नहीं बढ़ा, जबकि बिजली, किराया, इंटरनेट और सहायक कर्मचारी का खर्च लगातार बढ़ रहा है। संजय मित्तल, इरफान मलिक और धर्मवीर सिंह सहित कई डीलरों ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण वितरण अधूरा रहने पर विभागीय कार्रवाई का डर भी बना रहता है।
डीलरों ने डीएसओ को ज्ञापन सौंपकर मशीनों की तकनीकी दिक्कतें दूर कराने, कमीशन दरों में वृद्धि करने और सर्वर व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता कर समस्याएँ शासन स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया। मामला उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ा होने के कारण आम उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ गई है।
