मुज़फ़्फ़रनगर। जिले में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन न करने वाली 18 फैक्टरियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तय समय में सुधार न करने पर इन इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने की संस्तुति भी की गई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, जिन औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें पेपर मिल, स्टील रोलिंग मिल, फाउंड्री और मेटल प्रोसेसिंग से जुड़ी फैक्ट्रियां शामिल हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कई इकाइयों ने अपनी चिमनियों पर अनिवार्य ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (सीईएमएस) स्थापित नहीं की या उसे विभागीय सर्वर से जोड़ा नहीं गया। इससे वायु प्रदूषण के स्तर की वास्तविक समय पर निगरानी संभव नहीं हो पा रही थी।
क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने बताया कि सभी संबंधित इकाइयों को पूर्व में भी निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर अब कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन उद्योगों ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, उनके खिलाफ बिजली विभाग को कनेक्शन विच्छेद की संस्तुति भेजी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों के कारण वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। ऐसे में पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को किसी भी सूरत में छूट नहीं दी जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्र में इस कार्रवाई से हलचल मच गई है। कुछ उद्योग संचालकों का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों के कारण सिस्टम अपडेट में देरी हुई, जबकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मत है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
