मुजफ्फरनगर, 22 फरवरी 2026। आमजन को न्यायिक सेवाओं से सीधे जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), सुजडू चुंगी, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर में बृहद विधिक सेवा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री बीरेन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।
शिविर में न्यायिक अधिकारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-01 श्री विष्णु चन्द्र वैश्य, अपर जिला जज कोर्ट संख्या-07 श्री रितेश सचदेवा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-01 श्री देवेन्द्र सिंह फौजदार, सिविल जज (सी०डि०) एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी, अपर सिविल जज (जू०डि०) कोर्ट संख्या-4 श्री तुषार जायसवाल तथा ग्राम न्यायालय खतौली के न्यायाधिकारी श्री दिव्य प्रताप सिंह निमेष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक अमले में मुख्य विकास अधिकारी श्री कंधारकर कमल किशोर देशभूषण, जिला विकास अधिकारी श्री दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण अधिकारी श्री शक्ति शरण श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, परियोजना अधिकारी नेडा, सहायक उपायुक्त उद्योग, सहायक श्रमायुक्त एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
शिविर के दौरान डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने उपस्थित नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया तथा न्यायिक सेवाओं की उपलब्धता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि न्याय तक आसान पहुंच हर नागरिक का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इसी उद्देश्य से कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। प्री-कैम्प एवं मेगा कैम्प के माध्यम से पांच हजार से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया, जिससे शिविर को व्यापक जनसहभागिता मिली।
इस अवसर पर आगामी 14 मार्च 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की भी घोषणा की गई। यह लोक अदालत दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर के साथ-साथ बाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय खतौली, ग्राम न्यायालय जानसठ और कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित की जाएगी। इसमें आपराधिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, बिजली-पानी बिल विवाद, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण, राजस्व एवं सिविल वादों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
