किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर), 23 फरवरी26। जम्मू-कश्मीर के दुर्गम और ऊंचाई वाले किश्तवाड़ जनपद में सुरक्षाबलों ने लंबे समय से चल रहे अभियान को निर्णायक मोड़ देते हुए सात खतरनाक आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। यह कार्रवाई भारतीय सेना की भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर के नेतृत्व में अंजाम दी गई, जिसमे जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सैन्य अधिकारियों के अनुसार किश्तवाड़ जनपद के ऊपरी वन क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी पिछले कई महीनों से मिल रही थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने चरणबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी शुरू की। बर्फ से ढकी पहाड़ियों, घने जंगलों और संकरे दर्रों के बीच लगातार तलाशी अभियान चलाया गया। बताया गया है कि अंतिम मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब घिरे हुए आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सभी सात आतंकी ढेर हो गए।
मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से बड़ी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद, संचार उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह क्षेत्र में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि मारे गए आतंकी पिछले काफी समय से पहाड़ी इलाकों में ठिकाने बदलते हुए सक्रिय थे।
किश्तवाड़ जनपद का भौगोलिक स्वरूप सुरक्षाबलों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। कठिन मौसम, ऊंचाई और सीमित संपर्क व्यवस्था के बावजूद जवानों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। ड्रोन और तकनीकी साधनों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और सटीक स्थान चिन्हित कर अभियान को अंजाम दिया गया।
मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और आसपास के गांवों में तलाशी अभियान जारी है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group