मुजफ्फरनगर। जनपद के मीरापुर कस्बे में विवाह के नाम पर सुनियोजित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि बिजनौर जनपद के एक कथित परिवार ने रिश्ता तय कर दूल्हा पक्ष से लाखों रुपये की नकदी और कीमती जेवरात ऐंठ लिए और विवाह की तिथि से ठीक पहले हादसे का बहाना बनाकर संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
मीरापुर निवासी एक व्यापारी परिवार ने अपने पुत्र का विवाह कराने के लिए परिचितों के माध्यम से बिजनौर के एक परिवार से संपर्क किया था। प्रारंभिक बातचीत और मुलाकात के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी और 22 फरवरी की तारीख विवाह के लिए तय कर दी गई। आरोप है कि इसी दौरान दुल्हन पक्ष ने रस्मों और तैयारियों के नाम पर धीरे-धीरे नकदी और सोने-चांदी के जेवरात की मांग की। भरोसे के आधार पर दूल्हा पक्ष ने कथित रूप से लाखों रुपये का सामान सौंप दिया।
परिवार के अनुसार, विवाह से ठीक एक दिन पहले दुल्हन पक्ष के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसमें बताया गया कि उनके घर में अचानक दुर्घटना हो गई है, इसलिए शादी टालनी पड़ेगी। शुरुआत में इसे पारिवारिक आपदा समझकर दूल्हा पक्ष ने सहानुभूति जताई, लेकिन बाद में जब बार-बार संपर्क करने पर फोन बंद मिलने लगे और बताए गए पते पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, तब उन्हें ठगी का संदेह हुआ।
पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से भावनात्मक विश्वास कायम किया और फिर शादी की आड़ में आर्थिक लाभ उठाकर फरार हो गए। घटना के बाद मीरापुर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग ऐसे मामलों में सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। थाना स्तर पर शिकायत के आधार पर जांच की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबरों, बैंक लेनदेन और उपलब्ध पते के आधार पर आरोपियों की तलाश की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विवाह जैसे सामाजिक बंधन की आड़ में सक्रिय ठग गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए ठोस व्यवस्था और जागरूकता की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य परिवार इस प्रकार की ठगी का शिकार न बने।
