शामली। जनपद के कैराना तहसील क्षेत्र में तैनात एक लेखपाल पर जमीन को सरकारी बताकर किसान से लाखों रुपये ऐंठने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामला कैराना तहसील क्षेत्र के गांव कमालपुर का है। यहां के निवासी शोएब ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कुछ समय पूर्व कृषि भूमि खरीदी थी। आरोप है कि संबंधित लेखपाल ने उन्हें यह कहकर डराया कि खरीदी गई जमीन सरकारी अभिलेख में दर्ज है और यदि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई तो बैनामा निरस्त हो सकता है तथा जमीन सरकारी खाते में चली जाएगी।
किसान का कहना है कि इसी भय का लाभ उठाते हुए लेखपाल ने पहले रिपोर्ट अनुकूल लगाने और कब्जा सुरक्षित कराने के नाम पर लगभग 80 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद खतौनी में अंश संबंधी कथित त्रुटि का हवाला देकर करीब तीन लाख रुपये और वसूल लिए। आरोप यह भी है कि इतनी रकम लेने के बावजूद जमीन का मामला सुलझाने के बजाय उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम कराने की कोशिश की गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब शोएब ने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और प्रशासनिक कार्रवाई करवाने की धमकी दी गई। पीड़ित किसान ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तहसील क्षेत्र से बाहर किसी अन्य अधिकारी से कराने की मांग की है, ताकि प्रभाव से मुक्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किसान ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान को प्रार्थना पत्र सौंपा। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराए जाने और दोषी पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
