मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में हाईवे पर खुद को परिवहन विभाग का अधिकारी बताकर ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कोतवाली नगर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, फर्जी पर्चियां और सरकारी जैसा दिखने वाला सामान बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से वाहन चालकों को निशाना बना रहा था।
जानकारी के अनुसार दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रोहाना टोल प्लाज़ा के आसपास यह गिरोह देर शाम से रात तक वाहनों को रुकवाता था। आरोपी रिफ्लेक्टर जैकेट पहनकर और हाथ में सीटी लेकर खुद को परिवहन विभाग की विशेष चेकिंग टीम बताकर दस्तावेजों की जांच का नाटक करते थे। कागजों में कमी निकालने या भारी जुर्माने की धमकी देकर वे चालकों से नकद रकम वसूल लेते थे। वसूली के बाद रंगीन पर्ची थमा दी जाती थी, जिससे चालक यह समझते थे कि आधिकारिक कार्रवाई की गई है।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने निगरानी बढ़ाई और सोमवार देर रात संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर घेराबंदी कर एक कार को रोका। तलाशी लेने पर वाहन से फर्जी रसीद बुक, विभिन्न रंगों की करीब डेढ़ सौ पर्चियां, 52 हजार 690 रुपये नकद, रिफ्लेक्टर, बेल्ट और एक आर्टिगा कार बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कई दिनों से इसी तरह वसूली कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विकास कुमार निवासी शामली, इरफान निवासी खतौली, सचिन त्यागी निवासी भोपा, आसिफ मलिक निवासी देवबंद, नरेश पाल निवासी बुढ़ाना, सोनू कश्यप निवासी चरथावल, राशिद अली निवासी मेरठ और दीपक चौधरी निवासी पुरकाजी शामिल बताए गए हैं। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध वसूली से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार आसपास के जिलों तक जुड़े होने की आशंका है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या गिरोह को किसी विभागीय कर्मचारी की जानकारी या संरक्षण प्राप्त था। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध चेकिंग टीम से सावधान रहें और बिना पहचान पत्र व सरकारी वाहन के किसी को धनराशि न दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि हाईवे पर इस प्रकार की अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
