नई दिल्ली, 14 फरवरी 26। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की बरसी पर पूरे देश ने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सात वर्ष पूर्व इसी दिन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी श्रद्धांजलि संदेश जारी करते हुए कहा कि पुलवामा के वीर सपूतों का त्याग भारत की सामूहिक स्मृति में सदा अंकित रहेगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट रहने का आह्वान किया।
14 फरवरी 2019 को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में विस्फोटकों से भरे वाहन को सीआरपीएफ के काफिले से टकरा दिया गया था। धमाका इतना भीषण था कि 40 जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हुए। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा छिड़ी थी।
बरसी के अवसर पर विभिन्न राज्यों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। कई स्थानों पर कैंडल मार्च निकाले गए और शहीद स्मारकों पर पुष्प अर्पित किए गए। स्कूल-कॉलेजों में भी जवानों के शौर्य को याद करते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए।
राष्ट्र आज भी उन वीरों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को प्रणाम करता है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पुलवामा की यह बरसी आतंकवाद के विरुद्ध देश की दृढ़ प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनकर सामने आई।
