मुज़फ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई है। मंगलवार को ‘अपनी जनता पार्टी’ के जिलाध्यक्ष सलीम सैलानी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में प्रस्तावित यूजीसी कानून को शीघ्र लागू किए जाने की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के साथ होने वाले कथित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और प्रशासनिक अनदेखी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई शिक्षण संस्थानों में सामाजिक और आर्थिक आधार पर असमान व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिनका समय पर समाधान नहीं हो पाता।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित प्रावधानों के लागू होने से उच्च शिक्षा संस्थानों की जवाबदेही तय होगी तथा छात्रों के अधिकारों की स्पष्ट रूपरेखा बनेगी। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल दाखिले तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संस्थान के भीतर गरिमामय और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सलीम सैलानी ने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का नियमन करने वाली संस्था यूजीसी की भूमिका और अधिक प्रभावी बननी चाहिए। उनका तर्क था कि यदि कानून में स्पष्ट दंडात्मक और निगरानी संबंधी प्रावधान होंगे तो संस्थागत स्तर पर मनमानी की गुंजाइश कम होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों के मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। उन्होंने मांग की कि छात्र कल्याण प्रकोष्ठों को मजबूत किया जाए, शिकायत निवारण तंत्र को पारदर्शी बनाया जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि केंद्र सरकार शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेश स्तर पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन को नियमानुसार अग्रसारित करने का आश्वासन दिया है।
उच्च शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे ने जनपद में बहस को नया आयाम दे दिया है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और प्रस्तावित कानून को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
उच्च शिक्षा में समान अवसर की मांग तेज, यूजीसी कानून लागू कराने को राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
