वाराणसी। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार लेखिका डॉ. भूमिका द्विवेदी के लगाए गए आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
डॉ. भूमिका द्विवेदी ने दावा किया है कि वाराणसी स्थित मठ में साधारण जीवनशैली की जगह कई आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उनका कहना है कि कुछ हिस्सों में एसी कमरे, महंगी सजावट और खास लोगों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मठ के अंदर कुछ ऐसे स्थान हैं जहां आम लोगों का प्रवेश नहीं है।
लेखिका का कहना है कि मठ में रहने वाले बच्चों (बटुकों) पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और उन्हें बाहरी दुनिया से सीमित संपर्क रखने दिया जाता है। इन आरोपों के बाद धार्मिक और सामाजिक संगठनों में चर्चा तेज हो गई है।
वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मठ में जो भी निर्माण हुआ है, वह जरूरत के अनुसार है और उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा एक अन्य मामला भी अदालत में विचाराधीन है और इसकी सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही है। ऐसे में नए आरोपों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल इस मुद्दे पर प्रशासन और संत समाज दोनों की नजर बनी हुई है।
