देवरिया। जनपद में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले ने शिक्षा विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रकरण में लापरवाही और प्रताड़ना के आरोपों को गंभीर मानते हुए शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में तैनात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने 20 फरवरी 2026 की रात गोरखपुर स्थित अपने आवास पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले कथित रूप से एक सुसाइड नोट और वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न, वेतन रोकने और आदेशों की अनदेखी के आरोप लगाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही और उच्च न्यायालय के निर्देशों का समय पर पालन न किए जाने का उल्लेख किया गया। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के निलंबन का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें लखनऊ स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय से संबद्ध किया गया है। देवरिया के डायट (DIET) प्राचार्य अनिल कुमार सिंह को अस्थायी रूप से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पुलिस ने भी आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई उच्च न्यायालय में प्रस्तावित है।
