मुजफ्फरनगर, 14 फरवरी 2026। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा शुक्रवार को व्यापक अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर आठ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया तथा छह सेवायोजकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की।
अभियान के दौरान साईं धाम, जानसठ रोड, ट्रांसपोर्ट नगर, भोपा रोड, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया गया। टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह, सुश्री शालू राणा, एएचटी थाना प्रभारी जय सिंह भाटी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि शामिल रहे।
छापेमारी के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्य कर रहे आठ नाबालिग बच्चों को चिन्हित कर मुक्त कराया गया। संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि बच्चों का प्रथम अधिकार शिक्षा है और यदि कोई सेवायोजक बाल श्रम कराते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संस्था “एक्सेस टू जस्टिस – जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन” एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रोजेक्ट लीडर गजेंद्र सिंह ने प्रशासन के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि बाल हित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर संस्था प्रशासन के साथ खड़ी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि उत्तर प्रदेश सरकार के “स्कूल चलो अभियान” के तहत बच्चों को विद्यालय भेजें और बाल श्रम से दूर रखें।
अभियान को सफल बनाने में एएचटी टीम के सब-इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह, महिला कांस्टेबल रूबी, हेड कांस्टेबल अमरजीत सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से सचिन व सागर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर गौरव मलिक सहित अन्य कर्मियों का विशेष सहयोग रहा।
